कहानी स्टारफिश की
एक दिन की बात है, एक बूढ़ा आदमी था, उसे लिखना बहोत पसंद था इसलिए वह रोज सुबह समुन्दर किनारे लिखने जाता था। उसे अपना लेखन काम करने से पहले समुद्र तट पर टहलना पसंद था और वह उसकी आदत सी बन गई थी। जैसे-जैसे वह आगे बढ़ा, वह एक ऐसे किनारे के कोने पर आया, जिस पर हजारों स्टारफिश तैर चुकी थीं और उसने पाया कि समुद्र तट जहाँ तक नज़र जा सकती है, दोनों दिशाओं में स्टारफ़िश से भरा पड़ा है।
यह सुनकर वह आदमी ने कहा की "लेकिन तुम ऐसा क्यों कर रही हो", इस पर उस लड़की ने जवाब दिया की "ज्वारभाटेने इन स्टारफिश को समुन्दर के तट पर दूर छोड़ा है और अगर यह स्टारफिश ज्यादा देर तक पानी के बाहर रही तो मर जाएँगी, इसलिए मैं उन्हें पानी में जितना हो सके जल्दी छोड़ रही हु"। यह सुनकर बूढ़े आदमी ने कहा, 'लेकिन, छोटी लड़की, क्या तुम्हें यह एहसास नहीं है कि समुद्र तट मीलों दूर हैं और हर मील पर तारामछली हैं? इस समुद्र तट पर बहोतसी हजारों स्टारफिश होंगी। मुझे यह कहके अच्छा नहीं लग रहा पर तुम ज्यादा कुछ नहीं कर पाओगी।
इस बात पर अनसुना करके उस छोटी लड़की ने एक स्टारफिश उठाई और जहा तक वह जा सकती थी वहाँतक उस स्टारफिश को छोड़ देती थी। फिर वह बूढ़े आदमी की ओर मुड़ी और एक प्यारी सी मुस्कान देकर कहा, "मैंने उन स्टारफिश को जल्दी उनकी राह मिलने के लिए आसान कर दिया"
इस कहानी से क्या सबक मिलता है?
हम सभी को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कई अवसर मिलते है लेकिन हम किसी और के पहल करने की प्रतीक्षा में अपने कार्यों में देरी करते हैं। हम वास्तव में धीरे धीरे ही सही लेकिन अपने जीवन को बदल सकते है, ऐसे कॉम्पीटीशन्स जिंदगी में बहुत आएंगे लेकिन हम उनमे कुछ कर नहीं पाएंगे यह सोच ही हमें पीछे छोड़ देती है। यह छोटी बच्ची हमें यही महत्वपूर्ण सिख देती है कि हमें कभी भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए, चाहे कितनी भी मुश्किलें या परिस्थितियां क्यों न हों। हमारे इन्ही छोटे छोटे बदलाव के कारण दुसरोको भी प्रेरणा मिलती है, क्या आप भी वास्तव में दूसरों के जीवन में बदलाव लाते हैं? कृपया अपने बहुमूल्य अनुभव टिप्पणी अनुभाग में साझा करें।


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